1. मतदाता सूची और बूथ समझें
अपने क्षेत्र की मतदाता सूची से जानें कि कितने वोटर हैं और किस बूथ पर कितने। इसी से आपकी पूरी योजना बनेगी।
2. घर-घर संपर्क
हर घर जाकर मिलना सबसे असरदार है। टीम बनाकर मोहल्लों में बाँट लें और रोज़ का लक्ष्य रखें।
3. अपनी आवाज़ में वॉइस कॉल
जहाँ आप नहीं पहुँच पाते वहाँ आपकी रिकॉर्ड की हुई आवाज़ पहुँचती है। 30 सेकंड का सीधा संदेश रखें: आप कौन हैं, क्या करेंगे और वोट की अपील।
4. WhatsApp ग्रुप और प्रसारण
गाँव और मोहल्ले के ग्रुप बनाएँ। अपने काम और वादों की छोटी जानकारी साझा करें, लंबी बहस से बचें।
5. समर्थकों की पहचान
किसने समर्थन जताया और किसे अभी बात करनी है, यह अलग रखें। पक्के समर्थकों को मतदान के दिन ज़िम्मेदारी दें।
6. मतदान से पहले अंतिम अपील
मतदान से दो-तीन दिन पहले याद दिलाएँ: तारीख, समय और बूथ। इस समय का संदेश सबसे ज़्यादा काम करता है।
7. मतदान के दिन की तैयारी
हर बूथ पर एक भरोसेमंद व्यक्ति रखें, बुज़ुर्गों और दिव्यांगों के लिए साधन की व्यवस्था करें और पूरी जानकारी टीम में बाँटें।
ध्यान रखें
प्रचार के समय और तरीक़ों के बारे में अपने राज्य निर्वाचन आयोग के नियम ज़रूर देखें और उनका पालन करें।
आज ही अपनी आवाज़ पहुँचाएँ
फ़ोन नंबर से लॉगिन करें और पाँच मिनट में पहला कैंपेन तैयार करें।
मुफ़्त शुरू करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पंचायत चुनाव में प्रचार का सबसे सस्ता तरीका क्या है?
घर-घर संपर्क, WhatsApp ग्रुप और वॉइस कॉल सबसे कम खर्च वाले तरीके हैं। वॉइस कॉल लगभग ₹2.50 प्रति कॉल पड़ती है।
प्रचार कब से शुरू करना चाहिए?
जितना जल्दी हो सके। पहले मतदाता सूची और बूथ समझें, फिर संपर्क शुरू करें और मतदान से पहले अंतिम अपील भेजें।